सेना का प्रशिक्षण

बेकार ग्रामीन छावनी में प्रशिक्षण लेते हैँ अगर क्रमानुसार इकाई के लिए काफी संसाधन हो।

छावनी की आरंभिक बिसात 50 सैनिक है और हर स्तर उस को 50 से बढ़ाता है।

प्रिमियम को सक्रिय करना छावनियोँ की बिसात 20% से बढ़ाता है।

एक ही प्रकार की इकाइयाँ अपना प्रशिक्षण एक वक्त समाप्त करते हैँ।

अगर आपकी छावनियोँ में कोई रिक्त स्थान नहीँ लेकिन सैन्य सिद्धांत से जायज़ रिक्त दल होँ, तो आप प्रशिक्षण लेनेवाले दलोँ को लाइन में नियुक्त कर सकेँ। लाइन में दल एक दूसरे के बाद प्रशिक्षण लेनेवाले हैँ। अगर आपके पास काफ़ी संसाधन और आबादी होँ तो आप एक वक्त सब बाकी रिक्त दलोँ को नियुक्त कर सकेँ, लेकिन वे लाइन में प्रतीक्षक होँ।

इकाइयोँ का स्तरोन्नयन - नीचे कोटि की इकाइयोँ को इसी विधि के ऊँचे कोटि की इकाइयोँ में बदलना, अगर आपके पास अध्ययनोँ के आवश्यक स्तर हैँ। आप हर छावनी के चौथे टैब से हलकी और/या भारी इकाइयोँ को इस विधि के उच्च वर्ग की इकाइयोँ में बदल सकते हैँ। इसके लिए आपको आबादी आवश्यक नहीँ है। स्तरोन्नयन की कीमत ऊँची कोटि की इकाइयोँ की कुल कीमत और नीची कोटि की इकाइयोँ की कुल कीमत में से अंतरन की बराबर है। प्रशिक्षण का समय ऊँची कोटि के है। घेराबंदी यंत्रोँ का स्तरोन्नयन नहीँ हो सकता है।

प्रशिक्षण का समय समाप्त होने के बाद सैनिक की लामबंदी 3 घंटोँ के दौरान नहीँ हो जाती है। इस अवधि के दौरान खिलाड़ी उस की लामबंदी कर सकता है जब वह चाहे। 3 घंटोँ के बाद सब की लामबंदी स्वत: हो जाती है।

लामबंदी न किये गये सैनिक लड़ाई में नहीँ लड़ते हैँ और उन का नाश नहीँ हो सकता है। उन को विरोधी जासूस नहीँ देख सकते हैँ।

सार्वभौमिक हौसला

सेना की लड़ाकू रूह| सार्वभौमिक हौसला खिलाड़ी के आचरण पर बिर्भर है।

आक्रमण और रक्षा में हौसले का आधारभूत मूल्य राज्य में मिला लिये गये प्रदेशोँ और उपनिवेशोँ में 100 है और राजधानी में 110 है। हालाँकि अगर खिलाड़ी जायज़ निवल अंकोँ के क्षेत्र x2 से बाहर अन्य खिलाड़ी पर आक्रमण करे, तो हौसला गिरता है, क्योंकि खिलाड़ी बराबर शत्रुओँ के विरूद्ध लड़ता नहीँ है। हर 0,1 गुणांक के अंतर (x2 से ज़्यादा या कम) के लिए हौसला 1,67 अंकोँ से गिरता रहता है।

लड़ाई के अंत के बाद सेना अपना आधारभूत हौसला पुनर्स्थापित करता है।

आधारभूत हौसला क़वायद के अध्ययन के विकास से बढ़ाया जा सकता है, जो हर स्तर पर हौसले का 1 अंक देता है। अगर खिलाड़ी संघ में कमांडर पद पर नियुक्त है, तो +10 हौसले के अंकोँ का आधारभूत बोनस प्राप्त करता है, लेकिन इस बोनस का सक्रिय मूल्य खिलाड़ी के संघ के प्रति वफ़ा की स्थिति पर निर्भर है।

दोनोँ सेना लड़ाई सार्वभौमिक आधारभूत हौसले 100 के विरूद्ध 100 से शुरू करते हैँ।

थकान के कारण (4 +/-3 अंकोँ से) और हानि के कारण (1-3 अंकोँ से) हर दौर में हौसला घटाया जानेवाला है। जब सेना शत्रु की सेना से ज़्यादा हानि पहुँचाता है, तो उसकी हौसला बढ़ता है और शत्रु का हौसला घटा जाता है, निम्नलिखित सूत्र के अनुसार:

  • निर्जित सेना के सोने के तुल्यांक में 20-50% का अंतर = हौसले के 1 अंक का बदल
  • 51-150% का अंतर = हौसले के 2 अंक का बदल
  • 150% से ज़्यादा का अंतर = हौसले के 3 अंकोँ का बदल

हौसले के घटाव में अंतरण हर दौर में 1-7 अंक हो सकते हैँ। इसी प्रकार लड़ाई अनियमित रूप से खोई जा नहीँ सकती है।

हौसला 50 से कम होकर सेना के पलायन की संभावना 50 से कम हर अंक पर 2% से बढ़ती है।

दुर्ग के गैरिज़न का कोई हौसला नहीँ है - वह पलायन नहीँ कर सकता है।

अगर सेना मैदान से पलायन करे तो वह स्वतः अपने बाकी सैनिकोँ के 20% खोती। बाकी सेना आरंभिक प्रदेश में वापस जाती।

अगर सेना दुर्ग के घेरे के चरण के दौरान पलायन करे तो वह स्वतः अपने बाकी सैनिकोँ के 10% खोता है।

अगर सेना घिरे गये प्रदेश पर आक्रमण करे (एक प्रदेश जिस के आसपास सब प्रदेशोँ से मुश्तरका सीमा है) तो वह हौसले के 20 अंक खोए। प्रदेश दोबारा घिर गये नहीँ हो सकते हैँ।

लड़ाई की तरकीब


लड़ाई शुरू हुई। दूसरे खिलाड़ी पर आक्रमण करने के लिए आपको कम से कम 100 सैनिकोँ की आवश्यकता है।

हटाव

यह विकल्प आक्रमण के सब विधियोँ में मौजूद है लेकिन सिर्फ सैनिक स्थानोँ मेँ।

लड़ाई का मैदान

विभिन्न भूखंड लड़ाई के दौरान सेना को विभिन्न प्रकार के बोनस देते हैँ। सार्वभौमिक नक़्शे के टैब >> भूखंड की विधियोँ को देखिए।

NB! आक्रमण या रक्षा में भूखंड के बोनस के अलावा (अगर ऐसे मौजूद होँ), आप प्रिमियम द्वारा आप आक्रमण और/या रक्षा में अपनी सेना की शक्ति बढ़ा सकते हैँ (आक्रमण पर 10% बोनस और जीवंत अंकोँ पर 10% बोनस)।

दुर्ग का घेरा

आक्रमणकारी के लिए सफल मैदानी लड़ाई के बाद होनेवाली है। अगर दुर्ग की दीवार के सामने कोई रक्षक मैदानी सेना न हो, तो दुर्ग की घेरा फौरान शुरू हो जाए। इस में आक्रमणकारी सैनिकोँ को विरोधी दुर्ग की दीवार का नाश करना चाहिए।

मुहिम पर भेजे गये सैनिक इकाइयोँ और इकपहिये ठेलोँ की ले जाने की क्षमता के अनुसार सफल दुर्ग के घेरे में संसाधन लूटे जाते हैँ। आक्रमित प्रदेश (उदाहरण के अनुसार राअजधानी) के हर संसाधन के बराबर प्रतिशत लिया जाता है, जिसका मतलब है कि अगर रक्षक के पास 100 लकड़ी, 100 लोहा, 100 पत्थर और 100 सोना होँ और आक्रमक की ले जाने की क्षमता 200 हो, तो वह हर संसाधन से 50 ले जाए।

अगर आक्रमित प्रदेश राजधानी हो और उस में अभावात्मक सोना हो, तो आक्रमणकारी वह नहीँ ले जाता हो, यानि उसकी सेना सम्राज्य में अभावात्मक सोना से नहीँ वापस आती है।

अगर दुर्ग के दिवारेँ विनष्ट नहीँ होँ, तो लूटना संभाव नहीं हो।

हर सफल दुर्ग का घेरा 2 पुरुषार्थ देता है अगर पुरुषार्थ लेने की शर्तेँ पूरी की गयी हैँ।

मैदानी लड़ाई

यह आक्रमण का मतलब है कि सैनिक सिर्फ शत्रु की मैदानी सेना के बिरूद्ध लड़ते हैँ, दुर्ग के घेरा या असैनिक आबादी की लूट-पाट के बिना।

मैदानी लड़ाई संसाधन नहीँ लूट देती है और आबादी को मार नहीँ डालती है। आक्रमणकारी का अकेला पुरस्कार विरोधी इकाइयोँ को मारने के लिए सैनिक अंक हैँ और अपने सैनिकोँ से कम से कम 10% खोने के लिए पुरुषार्थ है।

हर सफल मैदानी लड़ाई आप को पुरुषार्थ का 1 अंक देता है अगर पुरुषार्थ मिलने की शर्तेँ पूरी की जाती हैँ।

राजधानी में स्थित रक्षक मैदानी सेना अपने जीवंत अंको पर 20% बोनस पाती है।

लूट-पाट

नागरिक आबादी को हानि पहुँचाता है।

लूट-पाट किये गये प्रदेश की नियुक्त आबादी प्रहार के समय मेँ खानोँ से पूरी तरह नहीँ भंग हो जाती है। लूट-पाट की गयी आबादी 3 बराबर प्रतिशतोँ में विभक्त है और इन में से हर एक अराघर, पत्थर की खान और लोहे की खान से घटा जाता है। अक्षत आबादी संसाधन का उत्पादन करती रहती है।

निम्नलिखित सूत्र के अनुसार सोना देता है: 1 मार गया असैनिक = 5 सोना।

वह हौसले पर डंड देता है, क्योंकि वह मानव-जाति के विरूद्ध अपराध माना जाता है। हर लूट-पाट आक्रमणकारी के हौसले से 4 अंक लेता है।

लूट-पाट प्रदेश की आबादी से अधिकतम 20% मारता है। इसके बाद वही प्रदेश अगले 17 घंटोँ में लूट-पाट किया नहीँ जा सकता है।

हर खिलाड़ी प्रति 24 घंटोँ में अधिकतम 4 लूट-पाट भेज सकता है। लौटायी गयी लूट-पाट भी परिगणित हो जाती हैँ।

सफल होने के लिए आक्रमणकारी सेना की कुल लूट-पाट की शिक्ति कम से कम ख़तरे में प्रदेश की आबादी से 10% होना चाहिए। सैनिक इकाइयोँ की सूची खोलकर अलग इकाइयोँ की लूट-पाट के गुणांक के बारे में ज़्यादा सीखेँ।

सब से ज़्यादा हानि पहुँचानेवाली लूट-पाट के सेना को कम से कम आक्रमित प्रदेश की आबादी के 20% के बराबर होना चाहिए।

अगर आक्रमित प्रदेश के पास रक्षक सेना है, तो उस को सब से पहले विनष्ट होना चाहिए और इस के बाद लूट-पाट चल सकती है।

रक्षक सेना हटा सकती है अगर यह विकल्प मौजूद हो और अगर इसकी तैनाती सैनिक स्थान में हो।

यह इमारत जो असैनिक आबादी विदोधी लूट-पाट से सुरक्षित करती है ओझल कहलाती है। वह दुर्ग में स्थित है और उसका अधिकतम स्तर 30 है। पहला स्तर 180 लोगोँ को सुरक्षित करता है। हर अगला स्तर 112% से ज़्यादा लाभदायक है। अगर दुर्ग विनष्ट हो तो ओझल आधारभूत आबादी की संख्या से 1/3 की रक्षा करता है।

लड़ाई की यांत्रिकी

सेना का चरण

सेना की रफ्तार सदा सब से धीरी भेजी गयी इकाई की रफ्तार है, उदाहरण के लिए घेराबंदी यंत्र - 40 स म/घ। मुहिम पर सेना सम्राज्य में सेना की तुलना में 1,2 ज़्यादा बरी परवरिश माँगती है।

भिन्न मुहिम की यात्रा का समय:

  • सक्रिय खिलाड़ी पर सैनिक मुहिम - न्यूनतम 2.5 मिनट। अगर लक्ष्य 2.5 मिनट से कम में प्राप्त जा सकता हो, तो सेना ठीक 2.5 मिनट की यात्रा करे। दोनों दिशाओं का समय बराबर है। अगर यात्रा का समय 60 मिनट से कम हो आक्रमण अपने शुरू के बाद रक्षक के लिए दृश्यमान हो। अगर वह 1 घंटे से ज़्यादा हो (1 घंटा 5 मिनट या 5 घंटे होने के बावजूद), तो वह प्रहार से 60 मिनट पहले दृश्यमान हो।
  • स्वतंत्र नगर के लूटने की मुहिम - 5 मिनट और 170 हीरोँ के लिए क्षणिक रूप से स्माप्त हो सकती है, अगर वस्तु विशेष जोन में हो।
  • स्वतंत्र नगर को सामंत करने की मुहिम - 2.5 मिनट और 170 हीरोँ के लिए क्षणिक रूप से स्माप्त हो सकती है, अगर वस्तु विशेष जोन में हो या किसी प्रदेश से उसकी मिश्तरका सीमा हो।
  • स्वतंत्र नगर को राज्य में मिला लेने की मुहिम - 2.5 मिनट और 170 हीरोँ के लिए क्षणिक रूप से स्माप्त हो सकती है, अगर वस्तु विशेष जोन में हो या किसी प्रदेश से उसकी मिश्तरका सीमा हो।
  • सामंत को राज्य में मिला लेने की सैन्य मुहिम - 2.5 मिनट और वह 170 हीरोँ के लिए क्षणिक रूप से समाप्त हो सकती है, अगर बस्तु विशेष जोन में हो या प्रदेश से उसकी मुश्तरका सीमा हो।
  • स्वतंत्र भूखंड को राज्य में मिला लेने की सैन्य मुहिम - 2.5 मिनट और वह 170 हीरोँ के लिए क्षणिक रूप से समाप्त हो सकती है, सार्वभौमिक नक़्शे पर जिधर होते हुए।
  • दूरी रियासत की स्थापना की मुहिम (उपनिवेश, व्यापारिक या सैनिक स्थान) - 2.5 मिनट और वह 510 हीरे के लिए क्षणिक रूप से एक घंटे से घटी जा सकती है। हर घंटा की कीमत उसके शुरू के बाद जोड़ी जाती है - अगर मुहिम का दौरान 1 घंटा 10 मिनट हो, तो उसकी कीमत 1020 हीरे हो।
  • बर्बरोँ का निवेश के लूटने की सैन्य मुहिम - यात्रा का दौरान मुक़र्रर नहीँ है और क्षणिक आगमण की संभावना मौजूद नहीँ है।
  • प्रदेशों के बीच सेना की यात्रा का दौरान 0.66666666666667 मिनट है, क्षणिक यात्रा मौजूद भी है।
  • दूर रियासतोँ में से सेना खिसकाना (उपनिवेश, व्यापारिक या सैनिक स्थान) - 0.66666666666667 मिनट, क्षणिक यात्रा का विकल्प मौजूद नहीँ है।
  • हर रियासतोँ के बीच वहन की मुहिम - 0.66666666666667 मिनट और मुफ़्त क्षणिक पहुँचने का विकल्प मौजूद है।
  • परित्यक्त सम्राज्य की सैन्य मुहिम - 2.5 मिनट, क्षणिक यात्रा मौजूद नहीँ है।
  • सक्रिय खिलाड़ी पर सैनिक मुहिम - न्यूनतम 2.5 मिनट। अगर लक्ष्य 2.5 मिनट से कम में प्राप्त जा सकता हो, तो सेना ठीक 2.5 मिनट की यात्रा करे। दोनों दिशाओं का समय बराबर है। अगर यात्रा का समय 60 मिनट से कम हो आक्रमण अपने शुरू के बाद रक्षक के लिए दृश्यमान हो। अगर वह 1 घंटे से ज़्यादा हो (1 घंटा 5 मिनट या 5 घंटे होने के बावजूद), तो वह प्रहार से 60 मिनट पहले दृश्यमान हो। क्षणिक यात्रा का विकल्प मौजूद नहीँ है।
  • संघ को सेना प्रदान करना - न्यूनतम दौरान 0.66666666666667 मिनट। अगर लक्ष्य 0.66666666666667 मिनट से कम में प्राप्त जा सकता हो, तो सेना ठीक 0.66666666666667 मिनट की यात्रा करे। क्षणिक यात्रा का विकल्प मौजूद नहीं है।
  • संघीय सैनिक मुहिम - न्यूनतम दौरान 2.5 मिनट। अगर लक्ष्य 2.5 मिनट से कम में प्राप्त जा सकता हो, तो सेना ठीक 2.5 मिनट की यात्रा करे। सेना भेजने के बाद रक्षक उस को देख सकेगा। क्षणिक यात्रा का विकल्प मौजूद नहीं है।

NB: अगर पेज जल्दी रिफ्रेश नहीँ करता है, तो मीटर से दिखाया गया बाकी समय सर्वर के समय से अलग हो सकता है और खेल में सब प्रक्रियाएँ सर्वर के समय के अनुसार चलती हैँ। इस के कारण अगर आप सोचते हैँ, कि आपकी मुहिमोँ की निस्संदेह सफलता के लिए ठीक समय निर्धारक है, तो हमारा सलाह है, कि आप बाकायदा पेज रिफ्रेश करेँ, सब से ज़्यादा जब एक से ज़्यादा सेनाएँ यात्रा करनेवाली हैँ (खिसकनेवाली, आक्रमणकारी या दोनोँ) और जब प्रहार तक 2 मिनट से कम बाकी हैँ। किसी भी तरह से ख्याल रखिए, कि परिगणित समय से 1-2 सेकंड स्खलन संभव है, विशेषकर अगर लड़ाई के गनक शामिल है। इस के कारण 1 से 2 सेकंड तक शीघ्र अवधियोँ में विरोधी सेना पकड़ना की गारंटी नहीँ हो सकती है।

मानचित्रण मुहिम का दौरान घटा सकता है, लेकिन वह 0.66666666666667 मिनट से कम कभी नहीँ हो सकता है। सार्वभौमिक नक़्शे पर यात्रा का दौरान का हिसाब इस सुत्र द्वारा किया जाता है: ((distance/speed) / (1 + ((Cartography level + Alliance Cartography level) / 10))) x 60 = धीरी दुनिया х1 के लिए А से B तक दौरान मिनटोँ मेँ (दुनिया х2 नतीजे को 2 से भाग देना है, х4 के लिए - /4, х10 के लिए - /10), जहाँ speed सब से धीरी भेजी गयी इकाई की रफ्तार है।

रक्षक प्रदेश से और प्रदेश की ओर सेना नहीँ खिसका सकता है, अगर प्रहार तक 5 सेकंड से कम होँ।

आक्रमक अपनी सेना नहीं हटा सकता है अगर प्रहार तक 5 सेकंड से कम होँ।

मैदानी लड़ाई

मैदान पर सेना की तैनाती -

  • पहली पंक्ति - 3 जोन हैँ: बायां पक्ष, केंद्र और दायाँ पक्ष। वहाँ सब रण-संकुल इकाइयाँ स्थित हैँ।
  • दूसरी पंक्ति - तकिया - सिर्फ एक जोन, जहाँ फिर सिर्फ रण-संकुल इमाइयोँ की तैनाती की जाती है। वे सब पूर्व जोनोँ के लिए समन्वित हैँ। तकिया पूर्व पंक्तियोँ में रिक्त पद भरे अगर पक्षोँ में या केंद्र में मर गयी इकाइयाँ होँ। अगर एक वक्त दो जानोँ में दरार हो तो उन में से एक बेतरतीब ढंग से भरा जाए।
  • तीसरी पंक्ति - धनुर्धर - उस मेँ 3 जोन हैँ: बायीँ पंक्ति, केंद्र, दायीँ पंक्ति जहाँ धनुर्धर पहली पंक्ति के सिर्फ इस जोन पर आक्रमण करते हैँ जो उसके निजी जोन के विरूद्ध है, यानी
    अगर वे केंद्र में होँ तो विरोधी केंद्र को मारेँ, अगर वे बायाँ पंक्ष में होँ तो विरोधी दायाँ पक्ष को मारेँ। अगर उनके वोरूद्ध कोई अभी नहीँ हो तो वे बेतरतीब पड़ोसी जोन में खिसकाएँ।
  • चौथाई पंक्ति - घेराबंदी यंत्र - सिर्फ 1 ज़ोन जहाँ घेराबंदी यंत्र स्थित हैँ। शत्रु की इकाइयोँ पर एक वक्त मारते हैँ और उसकी हानि हर पंक्ति और उसके क्रमानुसार जोन में से बराबर बराबर विभक्त है।

मैदानी लड़ाई की प्रगति

मुख्य लक्ष्य विरोधी सोना के कम से कम एक जोन का नाश करना है, ताकि आपकी सेना बाकी विरोधी इकाइयोँ के विरूद्ध 20% पक्षीय बोनस से लड़ सके। अगर पहली पक्ति के जोनोँ से एक में सेना विरोधी सेना का नाश करे, तो शत्रु का तकिया खिसकता है और आनेवाली इकाइयोँ को रोक देता है। अगर सेना तकिये का नाश भी करे, तो वह तीसरी पंक्ति के धनुर्धरोँ के विरूद्ध जारी रखती है। अगर वह उन पर भी जायक हो, तो वह बाकी दोनोँ जोनोँ में 20% बोनस से आक्रमण करने लगती है। सारी विरोधी सेना के नाश के बाद, जायक सैनिक चौथी पंक्ति के घेराबंदी यंत्रोँ पर आक्रमण करते हैँ और यहाँ हौसले का नियम लागू है - यानि जायक सेना सिर्फ घेराबंदी यंत्रोँ के विरूद्ध लड़कर पलायन नहीँ कर सकती है।

दुर्ग का घेरा

आक्रमक सेना की तैनाती

  • पहली पंक्ति - 1 जोन, जहाँ सब रण-संकुल इकाइयाँ और भित्ति-पातक स्थित हैँ।
  • दूसरी पंक्ति - 1 जोन - सिर्फ धनुर्धर।
  • तीसरी पंक्ति - भित्ति पातक के अलावा सब घेराबंदी यंत्र।

आक्रमण का प्रगति

इकाइयोँ की तीन विधियाँ हैँ - दुर्ग की दिवारोँ पर हानि पहुँचानेवाली, दुर्ग में इकाइयोँ पर मारनेवाली और दुर्ग की दिवारोँ के नाश के पहले लड़ाई में भाग नहीं लेनेवाली।

सब घेराबंदी यंत्र दीवार पर मारते हैँ और गैरिज़न में इकाइयोँ पार हानि नहीं पहुँचाते हैँ।

भित्ति पातक पहली पंक्ति से चलते हैँ और पैदल सेना से आक्रमण करते हैँ।

अश्वरोही सेना दुर्ग की दीवार पर आक्रमण नहीं कर सकती है। वे दुर्ग की दिवार के नाश के बाद लड़ाई में जोड़ते हैँ

घेराबंदी यंत्रोँ के अलावा तलवरिये और बरछैत दुर्ग की दीवार पर हानि पहुँचानेवाली एक ही इकाइयाँ हैँ। सब से पहले तलवरिये और इस के बाद बरछैत लेकर और सब से भारी इकाई से अवरोही, दुर्ग पर एक वक्त आक्रमण करनेवाले सैनिकोँ की संख्या दुर्ग के गैरिज़न x3 (संघीय रियासतोँ के विरूद्ध x5) के बराबर है (आधारभूत गैरिज़न, सैन्य वास्तुकला के बिना)। पहली पंक्ति में बाकी सैनिक आक्रमणकारी दल के मर गये सैनिकोँ के स्थान लेके के लिए तकिये में प्रतीक्षा करते हैँ।

भित्ति पातक यही नियम से परिमित हैँ, लेकिन वे अलग रूप से परिगणित है, यानि वे पैदल सेना के स्थान नहीँ लेते हैँ, लकिन उसकी जायज़ संख्या भित्ति पातकोँ की नियुक्ति के लिए आवश्यक लोगोँ की संख्या से भाग पैदल सेना की संख़्या बराबर है।

हर दौर के पहले दीवार पर आक्रमण करनेवाला दल स्थापित हो जाता है (भित्ति पातक, तलवरिये और बरछैत)| इसके बाद वह तुरंत आगे बढ़ता है। दीवार तक पहुँचने के पहले वह रक्षक के धनुर्धरोँ से मारा जाता है और जीवित रहनेवाले दीवार पर प्रहार डालते हैँ।

अगले दौर में मर गयी इकाइयोँ के स्थान भरे जाते हैँ और दीवार पर प्रहार करने के पहले वे फिर धनुर्धरोँ के आग में आएँगे, जिसका मतलब है, कि अगर धनुर्धर सारा दल मार सकेँ, तो दुर्ग पर कोई हानि नहीँ पहुँचेगी, लड़ाई में शामिल होने के इंतज़ार करनेवाले ताकिये के बावजूद।

भित्ति पातक पैदल सेना जैसे हानि पहुँचते हैँ। ये हानि उन में से फैलते हैँ, भित्ति पातक नियुक्त करने के लिए आवश्यक लोगोँ के अनुसार।

दीवार को मारनेवाले घेराबंदी यंत्रोँ (भित्ति पातकोँ के बिना) की संख्या दुर्ग के स्तर पर निर्भर है। अगर आप ज़्यादा घेराबंदी यंत्रोँ भेजेँ, तो फिर भी सिर्फ दुर्ग के स्तर से जायज़ संख्या मारेँगे। दुर्ग के स्तर जितने ज़्यादा ऊँचा हो, इतने ज़्यादा घेराबंदी यंत्र दीवार को मार सकेँ। दुर्ग के एक स्तर पर आक्रमण करनेवाले घेराबंदी यंत्रोँ की संख्या 4 है। वे एक विधि से या विभिन्न विधियोँ से हो सकते हैँ। अगर आप दुर्ग के स्तर से जायज़ संख्या से ज़्यादा यंत्र भेजेँ, तो उन में से सब से बड़े आक्रमण की शक्ति से यंत्र घेरे में शामिल होँगे। अगर वे लड़ाई में विनष्ट होँ, तो उनके स्थान में अगले सब से शक्तिशाली आएँगे। सब से बड़े आक्रमण की शक्ति के यंत्र शिलाक्षेपक हैँ - 8000, इन के बाद गुलेल हैँ - 4000 और सब से कमज़ोर बैलिस्टाएँ हैँ - 3000। यानि घेरे में शामिल होने की उसका बारी यही हैँ: 1. शिलाक्षेपक, 2. गुलेल, 3. बैलिस्टाएँ। संख्या की हद भित्ति पातकोँ के लिए लागू नहीँ है।

उदाहरण: अगर आप स्तर 1 के दुर्ग पर 200 सैनिकोँ, 5 शिलाक्षेपकोँ, 1 गुलेल और एक बैलिस्टा का आक्रमण भेजेँ, तो सब से शक्तिशाली यंत्र - 4 शिलाक्षेपक पहले लड़ेँगे। अगर उन में से एक विनष्ट हो, तो उसके स्थान में तुरंत पाँचवाँ शिलाक्षेपक आएगा, ताकि वे फिर 4 शिलाक्षेपक होँगे। अगर आप एक और शिलाक्षेपक खोएँ, तो उसका स्थान गुलेल ले लेग, क्योँकि उसके आक्रमण की शक्ति बैलिस्टा की शक्ति से ज़्यादा बड़ी है। इसके बाद, अगर शिलाक्षेपक या गुलेल विनष्ट हो, तो उसके स्थान में बैलिस्टा आएगी।

दुर्ग का स्तर आक्रमण में दूर घेराबंदी यंत्र
1 4
2 8
3 15
4 30
5 60
6 125
7 250
8 500
9 1 000
संघ के दुर्ग का स्तर आक्रमण में दूर घेराबंदी यंत्र
1 80
2 160
3 300
4 600
5 1 200
6 2 500
7 5 000
8 10 000
9 20 000
10 40 000

आक्रमणकारी धनुर्धर रक्षक की पहली पंक्तिअ पर मारते हैँ लेकिन हानि 5 से तक्सीम की गयी है। वे पहली पंक्ति से शुरू करते हैँ और उस को मारकर दूसरी पंक्ति पर आक्रमण करने लगते हैँ।

जब दीवार गिरे, तो पहली पंक्ति की सब इकाइयाँ लड़ाई को जोड़ती हैँ और संख्या की कोई हद के बिना गैरिज़न पर आक्रमण करते हैँ। अश्वारोही सेना भी लड़ती है, लेकिन उसके पैरामीटर घटाये गये हैँ, क्योँकि वह पहले दौर के प्रहार में रौ जैसे अपने बोनस का प्रयोग नहीँ करती हैँ।

रक्षक सेना की तैनाती

मोरचा - दीवार पर आक्रमण्कारी दल (पैदल सेना और घेराबंदी यंत्र) के जीवंत अंकोँ को हर स्तर पर 2% से घटा देता है। दुर्ग के 4 स्तर के बाद मोरचे के 10 स्तर निर्मित हो सकते हैँ। दुर्ग के अगले स्तर की समाप्ति पर मोरचे के निर्मित स्तर खो जाते हैँ और खिलाड़ी नये 10 स्तरोँ का निर्माण कर सकता है। दुर्ग के अगले स्तर के निर्माण पर खिलाड़ी मोरचे के लिए दिये गये संसाधनों के 50% वापस प्राप्त करता है और निर्माण से प्राप्त निवल अंक खोता है।

दूर्ग का दीवार - उसकी मज़बूती दुर्ग के क्रमानुसार स्तर के अंकोँ के बराबर है, भूखंड और अध्ययनोँ के बोनस सहित| जब तक वह अक्षत हो, गैरिज़ोन हानि से प्रायः सुरक्षित रहो।

चहारदीवारी - दुर्ग के जीवंत अंक हर स्तर पर 5% से बढ़ाती है। दुर्ग के 4 स्तर के बाद चहारदीवारी के 10 स्तर निर्मित हो सकते हैँ। दुर्ग के अगले स्तर की समाप्ति पर चहारदीवारी के निर्मित स्तर खो जाते हैँ और खिलाड़ी नये 10 स्तरोँ का निर्माण कर सकता है। दुर्ग के अगले स्तर के निर्माण पर खिलाड़ी चहारदीवारी के लिए दिये गये संसाधनों के 50% वापस प्राप्त करता है और निर्माण से प्राप्त निवल अंक खोता है। चहारदीवारी की कीमत दुर्ग के सक्रिय स्तर की आधारभूत कीमत के 5% के बराबर है। जब दुर्ग विनष्ट हो, चहारदीवारी अटूट रहती है।

बुर्ज - रक्षक की आक्रमण में बैलिस्टाओँ की भूमिका खेलते हैँ। एक बुर्ज की शक्ति एक बैलिस्टा की शक्ति का बराबर है - 3000। उसके पास कोई जीवंत अंक नहीँ हैँ। अगर दुर्ग विनष्ट हो तो वे भी विनष्ट होँ लेकिन दुर्ग के साथ उन की मरम्मत भी की जा सकती है। उनका मुख्य लक्ष्य शत्रु की दुर्ग की ओर आनेवाली पहली पंक्ति है। अगर यह पंक्ति विनष्ट हो वे शत्रु की तीसरी पंक्ति के घेराबंदी यंत्रों पर मारेँ। अगर यह पंक्ति भी विनष्ट हो तो वे अपने आख़िरी लक्ष्य पर मारेँ - आक्रमक सेना की दूसरी पंक्ति, जहाँ धनुर्धर हैँ।

पहली पंक्ति - 1 जोन जहाँ सब इकाइयाँ घेराबंदी यंत्रोँ के बिना स्थित हैँ लेकिन सिर्फ धनुर्धर दीवार के नाश के पहले हानि पहुँचा सकते हैँ। दीवार के नाश के बाद सब इकाइयाँ लड़ाई में भाग लेते हैँ।

दूसरी पंक्ति - 1 जोन, जहाँ सब घेराबंदी यंत्र स्थित हैँ। गुलेल और शिलाक्षेपक आक्रमक सेना पर हानि पहुँचाते हैँ, मैदानी लड़ाई में जैसे। वे भेद्य नहीं हैँ क्योँकि आक्रमणकारक के घेराबंदी यंत्र, जो उनकी अकेली प्रति-इकाइयाँ हैँ, दुर्ग की दीवार पर मारने में व्यस्त हैँ।

रक्षा की प्रक्रिया

गैरिज़न में धनुरधर आक्रमण x4 से लड़ते हैँ, जो सीधे विरोधी सेना के आक्रमणकारी दलोँ के विरूद्ध चलाया जाता है (भित्ति पातकोँ को छोड़कर, जिन पर वे अपने सामान्य आक्रमण से मारते हैँ और तलवरियोँ को छोड़कर, जिन पर वे आक्रमण х2 से मारते हैँ), ताकि वे दीवार के गिरने को रोक सकेँ। अगर आक्रमणकारी सेना की बनावट में तलवरिये और बरछैत नहीँ होँ, तो धनुर्धर शत्रु के धनुर्धरोँ और अश्वारोही सेना को मारने लगते हैँ। हानियाँ समानुपाति रूप से लक्ष्य में विरोधी इकाइयोँ की संख्या के अनुसार विभक्त हो जाती हैँ।

गैरिज़न में बैलिस्टाएँ शत्रु की तीसरी पंक्ति के घेराबंदी यंत्रोँ को मारते हैँ (गुलेल, शीलाक्षेपक और बैलिस्टाएँ), अगर ऐसे नहीँ होँ या वे विनष्ट होँ, तो बैलिस्टाओँ के आक्रमण समानुपाति रूप से शत्रु की सब पंक्तियोँ के बीच में विभक्त हो जाता है।

रक्षक की अश्वरोही सेना को कोई बोनस नहीँ है।

लड़ाई का संघटन

लड़ाई के संघटन लड़ाई मैदान पर सेना की तैनाती दिखाते हैँ, यानि लड़ाकू जोनोँ में सैनिक इकाइयोँ का फैलव प्रतिशत: केंद्र, बायाँ पक्ष, दायाँ पक्ष और तकिया। रक्षा में संघटन इकाइयोँ के नीचे दुर्ग की तैनाती टैब से सेट हो जाता है। आक्रमण में संघटन अलग प्रकार से हर आक्रमण के लिए इकाइयोँ के नीचे दुर्ग के आक्रमण टैब से सेट हो जाता है। खिलाड़ियोँ के पास संघटनोँ की 6 विधियाँ है, जिन द्वारा वे खुद अपने सैनिकोँ की सैन्य उपलब्धियोँ और नेतृत्व की अपनी निपूणताओँ का नियंत्रण कर सकते हैँ।

संतुलित संघटन

  • पहली पंक्ति - सेना के 15% हर पक्ष में हैँ, 60 % केंद्र में हैँ और 10% तकिये में।
  • तीसरी पंक्ति - धनुर्धर - हर पक्ष में 20% और केंद्र में 60%।

मज़बूत केंद्र

  • पहली पंक्ति - सेना के 10% हर पक्ष में हैँ, 70% केंद्र में हैँ और 10% तकिये में।
  • तीसरी पंक्ति - धनुर्धर - हर पक्ष में 10% और केंद्र में 80%।

मज़बूत पक्ष

  • पहली पंक्ति - सेना के 20% हर पक्ष में हैँ, 50% केंद्र में हैँ और 10% तकिये में।
  • तीसरी पंक्ति - धनुर्धर - हर पक्ष में 25% और केंद्र में 50%।

पक्षीय धनुर्धरोँ से मज़बूत केंद्र्

  • पहली पंक्ति - सेना के 10% हर पक्ष में हैँ, 70% केंद्र में हैँ और 10% तकिये में।
  • तीसरी पंक्ति - धनुर्धर - हर पक्ष में 40% और केंद्र में 20%।

संतुलित धनुर्धरों से मज़बूत केंन्द्र

  • पहली पंक्ति - सेना के 10% हर पक्ष में हैँ, 70% केंद्र में हैँ और 10% तकिये में।
  • तीसरी पंक्ति - धनुर्धर - हर पक्ष में 30% और केंद्र में 40%।

पक्षीय धनुर्धरों से मज़बूत पक्ष

  • पहली पंक्ति - सेना के 20% हर पक्ष में हैँ, 50% केंद्र में हैँ और 10% तकिये में।
  • तीसरी पंक्ति - धनुर्धर - हर पक्ष में 40% और केंद्र में 20%।

NB: रणनीति के स्तर के बिना खिलाड़ी सिर्फ संतुलित संघटन से लड़ते हैँ। पहले स्तर के बाद हर एक स्तर एक संघटन खोलता है।

दुर्ग

द्रुग की कोटि

  • हलकी कोटि - दुर्ग का पहला, दूसरा और तीसरा स्तर - प्रदेश को इकैयोँ की हलकी कोटि से सुरक्षित करता है।
  • भारी कोटि - दुर्ग के 4-वाँ, 5-वाँ और 6-वाँ स्तर - प्रदेश को इकाइयोँ की भारी कोटि से सुरक्षित करता है।
  • उच्च कोटि- दुर्ग का 7-वाँ, 8-वाँ और 9-वाँ स्तर - प्रदेश को उछ वर्ग की इकाइयोँ से सुरक्षित करती है।

दुर्ग का मरम्मत

सफल घेरे की स्थिति में दुर्ग विनष्ट के रूप में माना जाता है। उसकी मरम्मत क्षणिक है और उसकी कीमत पत्थर में परिगणित पहले स्तर की कीमत के बराबर है। दुर्ग के एक स्तर की मरम्मत की कीमत उसके निर्मण की कीमत के 25% प्रतिशत पत्थर में बराबर है। उदाहरण: दुर्ग के स्तर 2 की कीमत 600 लकड़ी और 4000 पत्थर है। जब एक दुर्ग दो बार विनष्ट हो जाए, तो खिलाड़ी को उसकी मरम्मत के लिए 1150 पत्थर देना चाहिए, क्योँकि स्तर 1 की आधारभूत कीमत 1000 पत्थर और 150 लकड़ी है। जब तक दुर्ग विनष्ट है, तब तक रियसत पहले स्तर के संसाधनोँ के उत्पादन का बोनस प्रयुक्त करती है।

दुर्ग की विशेष्ठताएँ

स्तर कीमत (स स) पत्थर लकड़ी जीवंत अंक गैरिज़न लंबी दूरी के घेराबंदी यंत्रोँ की संख्या संसाधनों की बिसात बुर्ज मोरचा (1x1) सुरक्षित आबादी बचाये गये संसाधन (हर विधी से) चहारदीवारी (1х1) सुख आमदनी को बढ़ाता है
1 1 150 1 000 150 31 200 50 4 10 000 - 10 1000 350 1 1 4
2 4 600 4 000 600 62 400 100 8 25 000 - 10 1200 1000 1 2 6
3 18 400 16 000 2 400 124 800 200 15 100 000 1 10 1500 3500 1 3 10
4 73 600 64 000 9 600 374 400 400 30 400 000 2 10 2500 12000 1 4 4
5 294 400 256 000 38 400 748 800 800 60 1 200 000 4 10 5000 35000 1 5 6
6 1 177 600 1 024 000 153 600 1 497 600 1 600 125 4 800 000 6 10 9000 135000 1 6 10
7 4 710 400 4 096 000 614 400 5 990 400 3 200 250 19 200 000 12 10 16000 550000 1 7 4
8 18 841 600 16 384 000 2 457 600 11 980 800 6 400 500 38 400 000 18 10 27000 1100000 1 8 6
9 75 366 400 65 536 000 9 830 400 23 961 600 12 800 1 000 76 800 000 24 10 45000 2000000 2 10 10

दुर्ग की रक्षक सुविधाएँ

सुरक्षित संसाधन - प्रदेश आक्रमित होने के समय में संसाधनों की यह संख्या स्वतः छिपाता और रखता है, जो स्तर की बिसात देती है। हर संसाधन से बराबर संख्या सुरक्षित करता है।

बुर्ज - रक्षक की आक्रमण में बैलिस्टाओँ की भूमिका खेलते हैँ। एक बुर्ज की शक्ति एक बैलिस्टा की शक्ति का बराबर है - 3000। उसके पास कोई जीवंत अंक नहीँ हैँ। अगर दुर्ग विनष्ट हो तो वे भी विनष्ट होँ लेकिन दुर्ग के साथ उन की मरम्मत भी की जा सकती है।

मोरचा - आक्रमण्कारी सेना के जीवंत अंकोँ को हर स्तर पर 2% से घटा देता है।

चहारदीवारी - दुर्ग के जीवंत अंकोँ को हर स्तर पर 5% से बढ़ाता है।

सुरक्षित आबादी - दुर्ग का हर अगला स्तर सुरक्षित आबादी की संख्या बढ़ाता है।

लड़ाई के बाद फ़ुरसत

हर लड़ाई के बाद निजी सेना की खोयी गयी इकाइयाँ नियंत्रक केंद्र के शफाखाने में भेजा जाती हैँ। वहाँ 84 घंटोँ या 34 घंटोँ के दौरान, रफ़्तार х4 या х10 क्रमानुसार इकाइयाँ चंगी हो जा सकती है, नहीँ तो वे गुम जाएँ।

• सेना की मुफ़्त फ़ुरसत लड़ाई में खोयी गयी इकाइयोँ के 65% तक सीमित है - 15% आधारभूत आक्रमणकारी के लिए और 15% रक्षक के लिए और सैन्य चिकित्सा-शास्त्र का हर स्तर उस को आक्रमणकारियोँ के लिए 0,5% से और रक्षकोँ के लिए 1% से बढ़ाता है;

• आप लड़ाई में खोये गये सैनिकोँ के 35% हीरोँ द्वारा चंगा कर सकते हैँ, सैन्य चिकित्सा-शास्त्र के स्तर के बावजूद;

• फुरसत राजधानी में हो जाती है और आप प्रतिबंद करनेवाले आक्रमण में होने के समय में असंभव है। अगर आपकी सेना आक्रमण में हो, तो फ़ुरसत घर में वापस जाने के बाद संभव होगी;

• इकाइयाँ अपनी विधि और कोटि के अनुसार एक स्थान में जामयी गयी हैँ;

• फुरसत का बाकी समय गिननेवाला मीटर मौजूद है;

• संघीय सेना शफाखाने में चंगी नहीँ हो जाती है। वह प्रतिशतोँ और आक्रमणकारी/रक्षक के हेतुवाद के अनुसार स्वत: चंगी होती है ।

कालकोठरी

हर मैदानी लड़ाई, दुर्ग के घेरे और लूट-पाट के बाद संभावना है, कि निर्जित होनेवाले का सेनापति शत्रु के कब्ज़े में पड़े। ठीक संभावना बहुत से घाटकोँ पर निर्भर है, लड़ाई के परिमाण, लड़ाई के दोनो पक्षोँ से उत्पन्न सेनापति के अनुभव और हारोँ की नज़दीकी जैसे। जितने ज़्यादा ऊँचा अनुभव हो, कब्ज़ा की संभावना इतनी ज़्यादा बड़ी है।

• जब एक सेनापति कब्ज़े में पड़े, तो वह अपने अप्रापयता के अनुसार निश्चित समय के लिए कैदी रहता है। कैदी सेनापति निष्क्रिय हो जाता है और खिलाड़ी से प्रयुक्त नहीँ हो सकता है - परिवार के वृक्ष में सेनापति का स्लॉट बंद हो जाता है और राज्यपाल/सेनापति का उसका स्लॉट खाली जाता है। अगर सम्राट क़ब्ज़े में पड़े, तो राज्यपाल के उसके बोनस पुनः बिठाये जाते हैँ, लेकिन उसका स्लॉट भर रहता है। कैदी विरोधी सेनापति महल में एक नये टैब - "कालकोठरी" में - देखे जा सकते हैँ।
• कैदी सेनापती हीरोँ से चुकाई गयी फिरौती द्वारा आज़ाद हो जा सकता है - कीमत उसकी अप्राप्यता पर भी निर्भर है। फिरौती के 30% कब्ज़े करनेवाले को चुकाये जात हैँ और सेनापति तुरंत अपने प्राथमिक नियंत्रक के पास वापस जाता है। अगर निश्चित समय व्यातीत होने के पहले सेनापति के लिए फिरौती दी नहीँ जाए, तो सेनापति स्वतः मर जाए। क़ब्ज़े में सेनापति स्याही जाता रहता है।

लड़ाई और परवरिश

दुर्ग के गैरिज़न को परवरिश आवश्यक नहीँ है।

अगर सेना की परवरिश के लिअ काफ़ी सोना नहीँ हो और वह अभी प्रयान में हो, तो वअह मुहिम जारी रख़ेगी और आपके ख़ज़ाने में आभावात्मक सोने का तुल्यंक उत्पन्न होगा।

सेना आक्रमण में भेजी नहीँ जा सकती है, क्योँकि ख़ज़ाने में सोना आभावात्मक है।

सैनिक अंक - शांत में वे प्राप्त करने के लिए दो प्रकार हैँ:

  • विरोधी दुर्ग का नाश:
    दुर्ग का स्तर सैन्य अंक
    1 1
    2 2
    3 3
    4 4
    5 5
    6 16
    7 32
    8 64
    9 128

सब विरोधी इकाइयोँ का नाश - 5000 सोने के तुल्यांक की मार गयी सेना 1 सैनिक अंक देती है।

सैन्य पद - खिलाड़ी के सैन्य अंकोँ की संख्या पद धारक मेँ उसका सैन्य पद निश्चित करती है, निम्नलिखित रूप से:

  • 0 से 149 तक - नौसिखिया
  • 150 से 249 तक - प्राइवेट
  • 250 से 499 तक - कॉर्पोरल
  • 500 से 749 तक - नौसिखिया हवलदार
  • 750 से 1499 तक - हवलदार
  • 1500 से 2999 तक - वरिष्ठ हवलदार
  • 3000 से 7499 तक - अफ़सर का उम्मीदवार
  • 7500 से 14999 - नौसिखिया लेफ्टिनेंट
  • 15000 से 22499 - लेफ्टिनेंट
  • 22500 से 34999 तक - वरिष्ठ लेफ्टिनेंट
  • 35000 से 49999 तक - कप्तान
  • 50000 से 74999 तक - मेजर
  • 75000 से 99999 तक - लेफ्टिनेंट-कर्नल
  • 100000 से 149999 तक - कर्नल
  • 150000 से 224999 तक - टोली का नेता
  • 225000 से 324999 तक - मेजर जनरल
  • 325000 से 499999 तक - लेफ्टिनेंट जनरल
  • 500000 से 749999 तक - सेनापति
  • 750000 से + ∞ तक - मार्शल

पदक - सैन्य आर्डर, जो दुनिया में दिन के लिए सक्रिय खिलाड़ी के बीच दोनोँ सब से लहूलुहान लड़ाइयोँ के जायकोँ को दिये जाते हैँ, एक - रक्षा में और एक - आक्रमण में। सब से लहूलुहान लड़ाइयाँ ये ही हैँ, जिनकी खोयी गयी सैन्य इकाइयोँ की संख्या, सोने के तुल्यांक में। दिन की लड़ाइयोँ में क्षेत्र् x2 से बाहर होनेवाली आक्रमण में लड़ाइयोँ के लिए पदक नहीँ दिये जाते हैँ।
NB!: संघीय लड़ाइयाँ पदक नहीं देती हैँ।

जासूसी और मैदानी जासूसा

जासूसी

जासूसी स्क्रीन पर सब प्रदेश दिखाये गये हैँ। लालवाले प्रदेश घिर गये हैँ ( दूसरे प्रदेशोँ से व्याप्त) और इस के कारण आक्रमणकारी सेना -20 हौसला से लड़ता है।

जासूस का रफ्तार 3600 IM/h है।

सफल जासूसी की संभावना अध्ययन जासूसी से और भेजे गये जासूसोँ की संख्या से निश्चित है।

हर भेजे गये जासूस की परवरिश सामान्य x1.2 का बराबर है।

जासूसी स्क्रीन पर आप जासूस घुसा सकते है या अपनी या अपने मित्रोँ की आख़िरी जासूसी के रिपोर्ट को देख सेकते हैँ। इस रिपोर्ट में जासूसी के समय में प्रदेश की स्थिति दिखाई दी है जिस का मतलब है कि आख़िरी जासूसी रिपोर्ट सक्रिय सूचना नहीं देता है।

काउंटर जासूसी

विरोधी जासूसोँ की खोज और उनका नाश करता है।

सीमा पर जासूस स्वतः पकड़े जाते हैँ।

अपने हताव तक हर घुसा हुआ जासूस पकड़ा जा सकता है।

काउंटर जासूसी क्लिक करके आप सब घुसे हुई जासूसोँ को देख सकते हैँ।

काउंटर जासूसी की सूची में आप विरोधी जासूसोँ पकड़ने की संभावना देखेँगे। यह संभावना जासूसी सूत्र पर आधारित है, जिस में दोनोँ पक्षोँ की जासूसोँ की संख्या और आक्रमणकारी की जासूसी का स्तर व रक्षक की काउंटर जासूसी का स्तर परिगणित हैँ।

आप रियासत में विरोधी जासूस नहीँ देखेँगे, अगर वहाँ आपके जासूस तैनात नहीँ हैँ।

आप पर जासूसी करनेवाले खिलाड़ी का नाम आप नहीँ समझेँगे, अगर उनके पकड़ने की संभावना 5% से कम है।

अगर आपकी रियासत में जासूस घूसे गये हैँ, तो यह संभव है, कि आप उनकी मौजूदी के बारे में सूचना देनेवाला संदेश प्राप्त करेँ। यह संभावना भी जासूसी सूत्र पर आधारित है, जिस में दोनोँ पक्षोँ की जासूसोँ की संख्या और आक्रमणकारी की जासूसी का स्तर व रक्षक की काउंटर जासूसी का स्तर परिगणित हैँ।

काउंटर जासूसी का क्षणिक प्रयोग एक बार कृत्रिम प्रकार से रक्षक की काउंटर जासूसी अध्ययन तीन स्तरोँ से बढ़ाता है।

घटक जो जासूसी और काउंटर जासूसी का सफलता पर प्रभाव डालते हैँ:

सफल घुसने की संभावना दोनोँ खिलाडियोँ की जासूसी और काउंटर जासूसी के स्तरोँ और भेजे गये जासूसोँ और रक्षक जासूसोँ की संख्या के मुताबिक करने से निश्चित हो जाती है।

जासूसी ऐसे सूत्र द्वारा काम करती है, जो अध्ययनोँ के बराबर स्तरोँ और जासूसोँ की बराबर संख्या की स्थिति में सफल होने की बराबर संभवनाएँ देती है

हर भेजे गये जासूस से सफलता की संभावना बढ़ती है क्योंकि जासूस करनेवाले के जासूसोँ की संख्या जासूस किये जानेवाली खिलाड़ी के प्रशिक्षित और लामबंदी किये गये जासूसोँ की संख्या के मुताबिक की जाती है। इस के अलावा उनकी जसूसी और काउंटर-जासूसी के स्तर भी निसबत की जाती हैँ, ताकि सफल जासूसी संख्या की ज्येष्ठता पर सीधे प्रकार से नर्भर है।

अगर जासूस सफलता से घुसेँ तो खिलाड़ी जासूसी रिपोर्ट प्राप्त करता है, जिस में: शत्रु की सेना की संख्या और विधि (मैदानी और गैरिज़न की), प्रदेश में जमाये गये संसाधन, ख़ज़ाने में पूँजी (अगर जासूसी राजधानी की है) और दुर्ग का स्तर।

अगर घुसेँ बटन क्लिक करके जासूसी करनेवाला खिलाड़ी पकड़ा हो जाए तो वह भेजे गये जासूसोँ से 20% खोए, जासूसी रिपोर्ट नहीँ प्राप्त करे और दूसरे खिलाड़ी को घुसने की कोशिश कि किसकी है देख सेकता है।

अगर खिलाड़ी घुसा चुका है लेकिन रक्षक अपनी काउंटर जासूसी को उसके बटन पर क्लिक करके सक्रिय करे, तो जासूसी स्तरोँ और भेजे गयी जासूसोँ की संख्या की उपमा दिया जाएगी और अगर जासूसी करनेवाले खिलाड़ी के ये संख्या ज़्यादा होँ तो रक्षक खिलाड़ी अपने लामबंदी किये गये जासूसोँ से 20% खोए और आक्रमक खिलाड़ी जासूसी रिपोर्ट प्राप्त करे। अगर रक्षक खिलाड़ी आक्रमक से बाज़ी ले जाए तो घुसे गये जासूस खारिज़ किये जाएँ दोनोँ पक्षोँ की किसी हानि के बिना।

जासूसी का अनुकारक

आपको फ़ील्डोँ में अपने और विरोधी जासूसी/काउंटर जासूसी स्तर और जासूसोँ की संख्या लिखने देता है, ताकि आप सफल जासूसी/काउंटर जासूसी की अपनी संभावना और/या खोये गये जासूसोँ की संभव संख्या परिगणित कर सकते हैँ।

जासूसी/ काउंटर जासूसी ऐसे सूत्र द्वारा काम करती है, जो अध्ययनोँ के बराबर स्तरोँ और जासूसोँ की बराबर संख्या की स्थिति में सफल होने की बराबर संभवनाएँ देती है, इसलिए ख्याल रखिये कि जासूसी के अनुकरण से प्राप्त नतीजा जासूसी मुहिम के नतीजे से भिन्न हो सकता है।

मैदानी जासूसी

एक अध्ययन, जो राजधानी के आसपास भूमियोँ की जासूसी करने देता है, ताकी विशेष संसाधन के भूखंड, विरोधी उपनिवेश, सैन्य और व्यापारिक स्थान और रैली प्वाइंट निकाल जा सकते हैँ। जासूसी मुहिम मैदानी जासूसी सूची की मैदानी जासूसी टैब से नियंत्रित हैँ। हर स्तर मैदानी जासूसी का क्षेत्र 5 अंको से बढ़ाता है और अधिकतम स्तर 20 है। एक जासूस मैदानी जासूसी 3,14 अंको के क्षेत्र में एक घंटे के लिए करता है। N जासूसोँ को X अंको के क्षेत्र में मैदानी जासूसी करने के लिए आवश्यक समय निम्नलिखित तरह से परिगणित है: (X^2 / N)।

उदाहरण 1: एक खिलाड़ी के पास अध्ययन मैदानी जासूसी का दूसरा स्तर है, जो उस को 10 अंकोँ के क्षेत्र में मुहिम करने देता है (अंक सार्वभौमिक नक़्शे पर दूरी का मान है)। खिलाड़ी मैदानी जासूसी पर 20 जासूस भेजता है। इस मुहिम के लिए आवश्यक समय हम इस सूत्र द्वारा परिगणित हो जाता है: (X^2 / N): 10^2 / 20) = 100 / 20 = 5 घंटे। यानि मैदानी जासूसी की मुहिम करने और रिपोर्ट करने के लिए आवश्यक समय 5 घंटे होगा। अगर सूत्र का नतीजा 1 से कम हो, तो जासूसी मुहिम का समय 1 हो। उदाहरण 2: एक खिलाड़ी के पास अध्ययन मैदानी जासूसी का दूसरा स्तर है, जो उस को 10 अंकोँ के क्षेत्र में मुहिम करने देता है। खिलाड़ी मैदानी जासूसी पर 200 जासूस भेजता है। इस मुहिम के लिए आवश्यक समय हम इस सूत्र द्वारा परिगणित हो जाता है: (X^2 / N): 10^2 / 200) = 100 / 200 = 0,5 घंटे। यानि मैदानी जासूसी की मुहिम करने और रिपोर्ट करने के लिए आवश्यक समय 1 घंटे होगा।

NB: मैदानी जासूसी के दौरान और रफ्तार दुनिया की रफ्तार से प्रभावित नहीँ हैँ।

जासूसी, काउंटर जासूसी और आक्रमण:

अगर आक्रमणकारी की जासूसी और रक्षक की काउटर जासूसी के स्तर बराबर होँ तो रक्षक आनेवाली सेना की बनावट को प्रहार से 30 मिनट के पहले देखे। अंतर के हर स्तर पर 10 मिनट जोड़े या घटे जाते हैँ।

जासूसी और संघ

जब खिलाड़ी संघ का भाग हो, वह जासूसी रिपोर्ट के प्रयोग करने की अतिरिक्त संभावनाएँ प्राप्त करता है। खिलाड़ी और उसके मित्रोँ के सब से नये जासूसी रोपोर्ट खिलाड़ी की निजी सूची मैं दृश्य हैँ। ये रिपोर्ट सक्रिय सूचना नहीँ देते है, लेकिन जासूसी के समय में सूचना है।

पुरुषार्थ

यह अंक-शस्त्र है, जो खिलाड़ी का सैन्य व्यवहार दिखाता है। यह इस के अनुसार स्थापित है, कि क्या वह बराबर लड़ाइयाँ चलता है, क्या वह तहज़ीबयाफ़्ता प्रकार से लड़ता है, इत्यादि।

क्रिया, जो अभावात्मक पुरुषार्थ देते हैँ:

  • जायज़ निवल अंकोँ के क्षेत्र x2 से बाहर विरोधी खिलाड़ी पर आक्रमण - हर 0,1 गुणांक अंतरन के लिए हौसले के 2 अंकोँ की हानि पहुँचाता है।
  • मुहिम के शुरू से 15 मिनट के बाद सेना हटाने के लिए डंड -1 पुरुषार्थ है।
  • विरोधी प्रदेश को लूट-पाट करने के लिए - 4 पुरुषार्थ अंक।
  • For declaring war without previously changing the Alliance standing from Neutral to Hostile – 4 Honor points drop for each member of the Aggressor. (Only for Alliance members)

NB! Honor penalty for pillaging is taken after the battle is realized and, thus, it is shown in the battle report. Honor penalty for attacking out of range, though, is taken right after the attack has been sent, so it is never shown in the battle report and Honor is always subtracted even if the attack is recalled.

क्रिया, जो धनात्मक पुरुषार्थ देते हैँ:

  • सब खिलाड़ी प्रतिदिन +2 पुरुषार्थ अंक प्राप्त करते हैँ और राजनयिक अफ़सर वफ़ा की दूसरी और तीसरी स्थिति मेँ - प्रतिदिन +1 अधिक पुरुषार्थ अंक प्राप्त करते हैँ।
  • मैदानी लड़ाई में विजय - 1 पुरुषार्थ सिर्फ अगर जायक सेना अपनी इकाइयोँ के 10% खोया है।
  • दुर्ग के घेरे में विजय, किसी पक्ष के बावजूद (आक्रमक या रक्षक) - 2 पुरुषार्थ सिर्फ अगर जायक सेना अपनी इकाइयोँ के 10% खोया है।
  • The amount of honor, which the winner gains from killed enemy army depends on the value of the killed soldiers’ gold worth and it is estimated as follows: (Gold equivalent of killed soldiers / (winner’s net points x1000)) x100 x 10 = Honor. If the result is a fractional number, it is rounded down.

    NB: The attack must not be out of the allowed range x2 and must still meet the requirement for Honor - having lost at least 10% of your own units.

    Example: A player has 100 000 net points. The player attacks another player and kills 1000 heavy swordsmen. After the battle we need to estimate 1000 heavy swordsmen’s gold equivalent. One swordsman’s gold equivalent is 544. So 1000 swordsmen make 1000 * 544 = 544 000 gold equivalent. Then we use that gold equivalent in the formula of the Honor:
    (544 000 / (100 000 x 1000)) x 100 x 10 = 0,00544 x 100 x 10 = 5,44
    खिलाड़ी को पुरुषार्थ के 5 अंक मिलते हैँ।

    निवल अंकों के जायज़ क्षेत्र x2 के बाहर का आक्रमण पुरुषार्थ, हौसले और आक्रमण को हर 0,1 गुणांक के अंतर पर निम्नलिखित हानि पहुँचाता है:

    पुरुषार्थ हे 2 अंक
    हौसले के 1,67 अंक
    आक्रमणकारी के आक्रमण पैरामीटर के 3% सिर्फ तब, जब आक्रमणकारी का खाता ज़्यादा बड़ा हो।

    * महत्त्वपूर्ण: आक्रमण में जायज़ क्षेत्र x2 के बाहर सफल लड़ाई ज़्यादा निवल अंकोँ के आक्रमणकारी खिलाड़ी को कोई भी सैन्य अंक, पुरुषार्थ या पदक नहीँ देती है। अगर आक्रमणकारी के पास रक्षक से कमतर निवल अंक होँ और वह लड़ाई में जायक हो तो उस को सैन्य अंक, पुरुषार्थ या पदक मिलेंगे। युद्ध के दौरान यह नियम लागू रहता है लेकिन निवल अंकोँ की ज़्यादा बड़ी संख्या के खिलाड़ी से विजित सैन्य अंक संघ को मिलते हैँ। क्षेत्र x2 के बाहर के सम्राज्योँ पर आक्रमण शक्ति का घाटा नहीँ देँगे, अगर आक्रमणकारी के पास रक्षक से कम निवल अंक होँ, लेकिन पुरुषार्थ और हौसले पर डंड लागू होँ।

  • The highest number of Honor points a player can win is 500, the minimum is minus 500. Each point exceeding these limits will not count.
  • आक्रमण्कारी- खिलाड़ी जो उस से राजवंशीय ब्याह में होनेवाली खिलाड़ी पर आक्रमण करता है। आक्रमणकारी पर पहला आक्रमण पुरुषार्थ पर डंड नहीं देता है। ख़्याल रखिए कि लूट-पाट पर पुरुषार्थ के 4 अंकों का डंड हमेशा दायर है।

पुरुषार्थ, हौसला और सुख

Positive honor:
It gives the player bonus to his basic Morale. For each 25 Honor points they get 1 Morale point. The highest amount of Morale points a player can gain as a bonus for positive Honor, is 20.
For each 100 Honor, the player get 1 Happiness point. The highest amount of Happiness he can gain as a bonus for positive Honor, is 5.

Negative honor:
When Honor points get below -100, 5 points Happiness are taken away daily as punishment.
For each -10 Honor, the player lose 1 Moral point. The highest amount of Morale points a player can lose for negative Honor is 50.

हाथियार छोड़ेँ

एक सम्राज्य को अन्य के आक्रमण से बचने की संभावना 16.8 घंटोँ की अवधि के लिए देता है, जिस के दौरान न हथियार डालनेवाला सम्राज्य, न आक्रमणकारी सम्राज्य एक दूसरे पर आक्रमण कर सकते हैँ। हथियार डालना सिर्फ तब सम्भव है, जब आप ने समुचित खिलाड़ी पर अंतिम 4.8 घंटोँ में आक्रमण नहीँ किया और उस ने आप पर अंतिम 4.8 घंटोँ में आक्रमण किया। दुर्ग के नियंत्रक केंद्र में अन्य की टैब में इन खिलाड़ी सूची है, जिन के सामने आप हथियार डाल सकते हैँ। उपरिलिखित शर्तेँ पूरी करके आप 16.8 घंटोँ की अवधि में अधिकतम 10 बार हाथियार छोड़ सकते हैँ। अगर आप एक खिलाड़ी के सामने हाथियार छोड़ेँ, जो आप को आक्रमण भेजा है और यह आक्रमण आपके सम्राज्य में आनेवाल है, तो वह पूरा हो। हथियार डालने का पहली बार मुफ़्त है, लेकिन दूसरी बार की कामत 1700 हीरे हैँ और हर अगली बार की कीमत 1700 हीरोँ से ज़्यादा ऊँची है। ख्याल रखिए, कि हथियार डालना आपके सैन्य अंकोँ के 10% लेता है। युद्ध में विरोधी संघोँ के सदस्योँ के बीच सब हथियार डालना अमान्य हो जाते हैँ।